अतिरिक्त समय
द्वारा Tonkix

**मरीना को ओवरटाइम से नफ़रत थी।** लेकिन तिमाही रिपोर्ट अपने आप नहीं लिखी जाएगी, और डेडलाइन कल सुबह नौ बजे थी।
रात के आठ बजे तक मंज़िल खाली हो चुकी थी। फ्लोरोसेंट लाइटें, ऑटोमैटिक एसी, सन्नाटा। उसने अपने जूते उतारे, बाल खोल दिए और एक और कॉफ़ी बनाई।
साढ़े नौ बजे उसे गलियारे में कदमों की आहट सुनाई दी। काँच का दरवाज़ा खुला।
— शुभ रात्रि। अभी भी यहाँ हो?
रफ़ाएल। नाइट सिक्योरिटी गार्ड। तीस के आसपास, काले यूनिफ़ॉर्म में चौड़े कंधे, साफ़ दाढ़ी। हर रात दस बजे वह राउंड पर आता था। मरीना हमेशा ध्यान देती जब वह गुज़रता।
— रिपोर्ट — उसने स्क्रीन की ओर इशारा करते हुए कहा।
वह दरवाज़े के फ़्रेम पर टिक गया।
— कुछ चाहिए?
जो उसे चाहिए था, वह उसके काम के दायरे में नहीं था। या शायद था?
— एक कॉफ़ी अच्छी रहेगी।
रफ़ाएल पाँच मिनट बाद दो कप लेकर लौटा। पास वाली कुर्सी पर बैठ गया। बहुत करीब। उसकी ख़ुशबू — लकड़ी जैसी, तीखी — कमरे में फैल गई।
— तुम हमेशा देर तक रुकती हो? — उसने पूछा।
— सिर्फ़ ज़रूरत पड़ने पर। और तुम हमेशा इस मंज़िल पर राउंड करते हो?
— सिर्फ़ जब कोई ख़ूबसूरत इंसान चेक करने के लिए हो।
मरीना हँसी। उसका नज़रिया नहीं हटा। सीधे उसकी आँखों में, फिर उसकी ब्लाउज़ के खुले हुए गले की ओर, जिसे उसने गर्मी में खोल दिया था।
— रफ़ाएल...
— बोलो।
— दरवाज़ा बंद कर दो।
वह धीरे से उठा। काँच के दरवाज़े को ताला लगा दिया। वापस आया। इस बार नहीं बैठा — उसके सामने खड़ा हो गया। मरीना कुर्सी से उठी।
पहला चुम्बन जल्दबाज़ी भरा था। गर्म होंठ, दृढ़ जीभ। उसकी उँगलियाँ सीधे उसकी कमर पर गईं, उसके शरीर को अपने से चिपका लिया। मरीना ने उसके यूनिफ़ॉर्म की पैंट में उभार महसूस किया।
— तुमने इसके बारे में कितना सोचा है? — उसने फुसफुसाते हुए पूछा।
— महीनों से।
उसने उसे पीठ घुमा दी। उँगलियाँ पेट से ऊपर सरकीं, ब्लाउज़ के ऊपर से उसके स्तनों को दबाया। मरीना ने धीरे से कराहते हुए अपनी पीठ उसके सामने तान दी।
— यहाँ कैमरा नहीं है? — उसने पूछा।
— मुझे पता है कहाँ है और कहाँ नहीं।
इससे उसे और उत्तेजना हुई। उसे पता था। उसने प्लान किया था।
रफ़ाएल ने पीछे से उसकी ब्लाउज़ के बटन खोले। ब्रा खोल दी। गर्म उँगलियाँ नंगे स्तनों पर। उसके निप्पल दबाए और मरीना ने अपने होंठ काट लिए।
उसने उसे मीटिंग टेबल की ओर ले गया। बड़ी, काँच की। मरीना ने ठंडी सतह पर हाथ टिकाए।
— स्कर्ट उतारो — उसने आदेश दिया।
मरीना ने अपनी पेंसिल स्कर्ट कमर तक उठा ली। काली लेस की पैंटी। रफ़ाएल उसके पीछे घुटनों के बल बैठ गया। पैंटी को एक तरफ़ खिसका दिया।
— भीगी हुई हो — उसने उसकी त्वचा से कहा।
उसकी जीभ ने उसे छुआ और मरीना लगभग चीख पड़ी। उसने मेज़ के किनारे को पकड़ लिया जबकि वह उसे चाटता रहा — धीरे, गहराई से, उकसाता हुआ।
— रफ़ाएल... प्लीज़...
वह खड़ा हो गया। मरीना ने बेल्ट की आवाज़ सुनी, ज़िप की। उसे महसूस हुआ कि वह अपनी जगह पर आ गया है।
— मेरी ओर देखो।
वह मुँह घुमाकर देखी। वह धीरे-धीरे अंदर आया, उसकी आँखों में देखते हुए। दोनों कराह उठे।
शुरुआत धीमी थी। हर धक्का गहरा, नियंत्रित। काँच की मेज़ चरमराई। मरीना ने किनारे को पकड़ लिया।
— तेज़ करो।
रफ़ाएल ने आज्ञा मानी। शरीर के टकराने की आवाज़ खाली कमरे में गूँज उठी। उसने उसके कूल्हे को मज़बूती से पकड़ लिया, रफ़्तार बढ़ा दी।
— ऐसे ही... मत रुको...
— मैं नहीं रुकूँगा।
चरमोत्कर्ष एक लहर की तरह आया। मरीना ने अपने मुँह पर हाथ रखकर चीख दबा ली। पूरा शरीर काँप उठा। रफ़ाएल कुछ और सेकंड तक चलता रहा और एक भारी कराह के साथ चरम पर पहुँचा।
दोनों मेज़ पर झुके हुए, हाँफते रहे।
— मेरी रिपोर्ट... — उसने कहा।
— सुबह जल्दी ख़त्म कर लेना। मेरी राउंड छह बजे ख़त्म होती है।
मरीना मुस्कुराई, उसकी यूनिफ़ॉर्म के कालर से उसे खींचते हुए।
— तो पूरी रात हमारे पास है।
रिपोर्ट समय पर जमा कर दी गई। किसी को पता नहीं चला कैसे।