कार्यालय का आदेश
द्वारा Tonkix

**रेनाटा** ड्यूमॉन्ट एंड एसोसिएट्स की सबसे बेहतरीन सचिव थी। व्यवस्थित, संयमी, समय की पाबंद। तीन सालों में एक भी गलती नहीं। सब जानते थे: अगर कुछ चाहिए, तो वही सही थी।
जब नया सीईओ आया, सब कुछ बदल गया।
डेनियल मेइरेल्स। बयालीस साल, तलाकशुदा, कस्टम-सिलवाया सूट। धूसर आँखें जो विचारों को पढ़ती लगती थीं। पहले दिन ही उसने रेनाटा को अपने केबिन में बुलाया।
— तुम रेनाटा हो। मुझे बताया गया कि तुम अपरिहार्य हो।
— मैं बस अपना काम करती हूँ, श्री मेइरेल्स।
— डेनियल। मुझे डेनियल कहो।
आवाज़ में दृढ़ता थी, लेकिन उसके नीचे कुछ और था। एक गर्माहट। रेनाटा ने महसूस किया कि उसका चेहरा तपने लगा।
आने वाले हफ्ते एक खेल बन गए। नज़रें जो बहुत देर तक टिकतीं। दस्तावेज़ देते वक्त हाथों का छूना। एक बार वह उसकी स्क्रीन देखने के लिए उसके कंधे पर झुका और उसका इत्र—चंदन और चमड़ा—उसकी टाँगों को कमज़ोर कर गया।
शुक्रवार, शाम के छह बजे। दफ्तर खाली हो गया। डेनियल उसके केबिन के दरवाज़े पर आया।
— रेनाटा, मुझे तुम्हारी ज़रूरत है। एक ज़रूरी डिक्टेशन है।
उसने नोटबुक और पेन उठाया। उसके पीछे-पीछे उसके केबिन तक गई। दरवाज़ा बंद, पर्दे गिरे हुए। वह अपनी बड़ी मेज़ के पीछे चमड़े की कुर्सी पर बैठ गया।
— यहाँ बैठो—उसने अपनी बगल की कुर्सी की ओर इशारा किया। सामने नहीं। बगल में।
रेनाटा बैठ गई। उसने टाँगें क्रॉस कीं। स्कर्ट जाँघों पर कस गई। डेनियल ने देखा।
— तैयार हो?
— हमेशा।
वह डिक्टेशन शुरू किया। कॉर्पोरेट शब्द, आँकड़े, अनुमान। लेकिन उसकी आवाज़ धीमी होती गई। कर्कश हो गई। वह पास आया।
— रेनाटा।
— जी?
— नोटबुक छोड़ दो।
उसने छोड़ दी। दिल तेज़ी से धड़कने लगा।
डेनियल उठा। उसके सामने खड़ा हो गया। हाथ बढ़ाया। रेनाटा ने स्वीकार किया और वह उसे ऊपर खींच लिया। जिस्म बस कुछ सेंटीमीटर दूर।
— तीन महीने—उसने कहा।—तीन महीने से खुद पर काबू कर रहा हूँ।
— मैं भी—वह फुसफुसाई।
चुंबन एक टूटे बाँध की तरह था। भूखी होंठ, हर जगह हाथ। डेनियल ने उसे मेज़ की ओर धकेला। कागज़ ज़मीन पर गिर गए। रेनाटा मेज़ के किनारे पर बैठ गई, टाँगें फैली हुईं, उसे टाई से खींचते हुए।
उसने टाई उतारी। कमीज़ के पहले कुछ बटन खोले। रेनाटा ने उसके सीने पर नाखून घुमाए और वह गुर्राया।
— जानती हो कितनी बार मैंने यह सोचा है?—उसने कहा, उसकी स्कर्ट के नीचे उसकी जाँघों पर हाथ फेरते हुए।
— मुझे दिखाओ।
डेनियल ने उसकी पैंटी नीचे खींची। रेनाटा ने मदद के लिए कूल्हे उठाए। वह उसकी टाँगों के बीच घुटनों के बल बैठ गया।
— हे भगवान—वह बुदबुदाया जब उसने देखा कि वह कितनी गीली थी।
उसका मुँह उसे मिला और रेनाटा ने मेज़ का किनारा पकड़ लिया। सटीक जीभ, मज़बूत होंठ। उसे पता था कि क्या करना है—जैसे उसने पढ़ा हो।
— डेनियल... आह...
वह नहीं रुका। और तेज़ हो गया। रेनाटा ने उसके सिर के पीछे टाँगें क्रॉस कीं, कूल्हे हिलाने लगीं।
— मैं आ रही हूँ—उसने चेतावनी दी।
— मेरे लिए आ जाओ। यह एक आदेश है।
चरमोत्कर्ष ने उसे ज़ोर से पकड़ा। टाँगें काँपने लगीं, पीठ तन गई, एक लंबी कराह जो उसने दबाने की कोशिश की।
डेनियल उठा, मुँह पोंछा। आँखें कामना से काली हो गईं।
— अब मेरी बारी—रेनाटा ने कहा, मेज़ से उतरते हुए।
उसने उसे कुर्सी पर धकेला। बेल्ट खोली, पैंट उतारी। उसे आज़ाद किया—कठोर, मोटा। वह उसकी गोद में बैठ गई, स्कर्ट कमर पर चढ़ी हुई।
धीरे-धीरे नीचे उतरी। दोनों कराह उठे। रेनाटा ने उसके कंधों पर हाथ टिकाए और सवारी शुरू कर दी।
— शिट, रेनाटा...
— ऐसे पसंद है, सर?
— मुझे अभी सर मत कहो।
— डेनियल—वह कराह उठी, रफ़्तार बढ़ाते हुए।
उसने उसके कूल्हे पकड़ लिए, मदद करते हुए। कुर्सी चरमराने लगी। जिस्मों की आवाज़ कमरे को भरने लगी।
— और गहराई में—उसने माँगा।
डेनियल ने पैर ज़मीन पर जमाए और नीचे से धक्का दिया। रेनाटा ने सिर पीछे फेंक दिया, खुली ब्लाउज़ के नीचे स्तन हिलने लगे।
— ऐसे... ऐसे...
— मेरे साथ आओ—उसने दाँत भींचकर कहा।
दोनों एक साथ चरम पर पहुँचे। रेनाटा ने उसके कंधों में नाखून गड़ा दिए, पूरा जिस्म धड़क रहा था। डेनियल ने उसे कसकर पकड़ लिया, चेहरा उसके गले में दबा दिया।
एक मिनट तक ऐसे ही रहे। हाँफते हुए। पसीने से तर।
— यह... चीज़ें जटिल कर देगा—उसने कहा।
— जटिल। लेकिन मैं सीईओ हूँ। मैं नियम बनाता हूँ।
रेनाटा हँसी, अभी भी उसकी गोद में।
— नया नियम क्या है?
— हर शुक्रवार डिक्टेशन। कार्यालय के बाद। अनिवार्य।
— जी, सर।
डेनियल मुस्कुराया और उसे फिर से चूमा। इस बार धीरे से।
ड्यूमॉन्ट एंड एसोसिएट्स को कभी पता नहीं चला कि शुक्रवार को उत्पादकता क्यों गिर गई।