छिपी हुई इच्छाओं का जल
द्वारा Tonkix

**हैप्पी आवर का बाथरूम**
क्लारा की दिनचर्या हमेशा एक जैसी ही शुरू होती थी: अलार्म साढ़े छह बजे बजता, तकिए में दबा हुआ एक दबी हुई कराह, उंगलियां फोन तक पहुंचकर अलार्म बंद करतीं। वह बिस्तर से खिंचती हुई उठती, नंगे पैर फर्श की ठंडक महसूस करती, और जैसे सपने में हो बाथरूम की ओर बढ़ती। शावर उसका पहला होश का पल होता—गर्म पानी कंधों की तनाव भरी मांसपेशियों पर बहता, पिछली रात के अवशेष धुल जाते। फिर मजबूत कॉफी, मक्खन लगी दो टोस्ट, और मेट्रो की ओर चलना, जहां पसीने और सस्ते परफ्यूम की गंध टूटी हुई एसी की हवा में मिल जाती।
ऑफिस में क्लारा संख्याओं की महिला थी। वह अपनी मेज पर बैठती, पतले फ्रेम के चश्मे नाक पर सरकते हुए अनंत स्प्रेडशीट्स का विश्लेषण करती। उसका भूरा बाल हमेशा ढीले जूड़े में बंधा रहता, लेकिन जब वह ज्यादा ध्यान लगाती तो कुछ लटें खुल जातीं। सहकर्मी उसका सम्मान करते, मगर दूरी बनाए रखते। वह ज्यादा बातें नहीं करती थी, गलियारों की गपशप से ज्यादा गणनाओं की शांति पसंद करती। फिर लौरा आई।
लौरा मार्केटिंग में इंटर्न के तौर पर कंपनी में आई, मगर जल्द ही स्थायी हो गई। लंबी, सांवली त्वचा, हरे आंखें जो ऑफिस की फ्लोरोसेंट लाइट में चमकती थीं—वह ऐसी ऊर्जा लेकर आई जो माहौल को संक्रामक बना देती। जोर से हंसती, गहरे नेकलाइन के ब्लाउज पहनती जो उसके स्तनों की गोलाई दिखाते, और बात करते हुए लोगों को छूती—कंधा यहां, बांह वहां, जैसे शारीरिक स्पर्श बातचीत का स्वाभाविक हिस्सा हो। क्लारा, जो हमेशा किसी भी निकटता से बचती थी, खुद को अजीब तरह से आकर्षित पाती।
पहले कुछ महीनों तक बस चोरी-छिपे नज़रें ही होती रहीं। क्लारा उसे कमरे के उस पार से देखती, इस बात पर मोहित होती कि लौरा सोचते हुए पेन के ढक्कन को कैसे कुतरती, या उसके उंगलियां कीबोर्ड पर कैसे संगीतमय फुर्ती से नाचतीं। एक बार लौरा उसकी मेज के पास से गुज़री और एक पोस्ट-इट गिरा दिया। क्लारा उसे उठाने के लिए झुकी, और उनकी उंगलियां एक सेकंड ज़्यादा देर तक छूती रहीं। उसके गले में गर्मी चढ़ आई, और उसने जल्दी से नज़रें फेर लीं।
समय के साथ बातचीतें बढ़ने लगीं। लौरा क्लारा की मेज पर रिपोर्ट्स को लेकर सवालों के साथ आने लगी, उसके कंधे पर झुककर स्क्रीन पर कुछ दिखाती। वनीला की मीठी खुशबू क्लारा के स्पेस में घुसपैठ करती, पुराने कॉफी और कागज़ की गंध में मिल जाती। एक दोपहर लौरा ने उसका ध्यान खींचने के लिए उसके बांह पर हाथ रखा, और क्लारा ने महसूस किया कि उसकी त्वचा में झनझनाहट हो रही है।
— तुम इसमें इतनी अच्छी हो — लौरा ने फुसफुसाया, उसके कान के बहुत पास होंठ। — मैं कभी संख्याओं में कुछ नहीं समझी।
क्लारा ने सूखी गले से निगला, दिल तेज़ी से धड़क रहा था।
— बस अभ्यास है — उसने जवाब दिया, आवाज़ उससे ज़्यादा कर्कश निकल गई जितनी उसने चाही थी।
लौरा मुस्कुराई, जैसे उसे पता था कि वह क्या असर डाल रही है।
उस शुक्रवार का हैप्पी आवर सामान्य से ज़्यादा हलचल भरा था। कंपनी ने एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, और बॉस ने पहली राउंड ड्रिंक्स फ्री कर दी थीं। चुना गया बार उन जगहों में से एक था जहां नियॉन लाइट्स और तेज़ संगीत होता, शराब और पसीने की गंध महिलाओं के परफ्यूम से मिलती जो छोटे से डांस फ्लोर पर थिरक रही थीं। क्लारा, जो आमतौर पर इन आयोजनों से बचती थी, आखिरकार लौरा के कहने पर चल दी।
— तुम हर वक्त घर में बंद नहीं रह सकती — लौरा ने उसके कलाई पकड़कर कहा। — चलो, बस एक ड्रिंक।
क्लारा हिचकिचाई, मगर आखिरकार मान गई। एक कोने में बैठ गई, लौरा को सहकर्मियों के साथ घुलते-मिलते देखती, हंसती, चियर्स करती, सबको छूती जैसे दुनिया गले मिलने के लिए बनी हो। उसने अपना वाइन धीरे-धीरे पिया, महसूस करती हुई कि तरल उसके सीने को गर्म कर रहा है। जब उसने घड़ी देखी, तो नौ बज चुके थे।
— मुझे बाथरूम जाना है — उसने खुद से बुदबुदाया, उठती हुई।
बाथरूम की ओर जाने वाला गलियारा संकरा और मद्धम रोशनी वाला था, कंक्रीट की दीवारें फीके नीले रंग से पेंट की हुईं। वहां संगीत की आवाज़ दबी हुई थी, फ्लोरोसेंट लाइट्स की भिनभिनाहट ने ले ली थी। क्लारा ने महिला बाथरूम का दरवाज़ा धकेला और अंदर गई, खाली जगह देखकर राहत महसूस की। हाथ धोए, आईने में खुद को देखा, बाल ठीक किए। बाहर निकलने ही वाली थी कि दरवाज़ा खुला।
लौरा अंदर आई, ऊंची हील्स फर्श पर टक-टक करतीं। आईने में उसकी नज़र क्लारा से मिली, और उसके होंठों पर धीमी मुस्कान फैल गई।
— मैंने सोचा तुम जा चुकी हो — लौरा ने कहा, दरवाज़ा अपने पीछे बंद करते हुए।
क्लारा ने महसूस किया कि हवा गाढ़ी हो गई है।
— मैं… जा रही थी।
लौरा करीब आई, उसके ठीक पीछे रुक गई। क्लारा दूसरे शरीर की गर्मी महसूस कर सकती थी, मीठी खुशबू शराब की गंध में मिली हुई।
— आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो — लौरा ने फुसफुसाया, उंगलियां क्लारा की बांह पर हल्के से फेरतीं।
क्लारा ने सांस रोक ली।
— धन्यवाद।
लौरा झुकी, होंठ क्लारा के कान को लगभग छूते हुए।
— तुम हमेशा मुझसे भागती हो।
— ऐसा नहीं है।
— है। — लौरा ने धीरे से हंसी, उंगलियां क्लारा की बांह से नीचे सरकतीं उसकी हाथ तक पहुंचीं। — मगर आज तुम नहीं भागोगी।
क्लारा ने स्पर्श को चिंगारी की तरह महसूस किया। लौरा ने अपनी उंगलियां उसकी उंगलियों में पिरोईं, उसे धीरे से पीछे खींचा, जब तक क्लारा की पीठ उसके शरीर से सट नहीं गई। क्लारा का दिल इतनी ज़ोर से धड़क रहा था कि उसे यकीन था लौरा उसे सुन सकती है।
— तुम क्या कर रही हो? — क्लारा ने फुसफुसाया, आवाज़ कांपती हुई।
लौरा ने जवाब नहीं दिया। इसके बजाय, उसके होंठ क्लारा की गर्दन पर पहुंचे, एक हल्का, लगभग हिचकिचाता चुंबन छोड़ते हुए। क्लारा ने आंखें बंद कर लीं, पूरा शरीर तन गया।
— लौरा…
— श्श्श — लौरा ने फुसफुसाया, दांत संवेदनशील त्वचा पर रगड़ते हुए। — बस मुझे तुम्हें चखने दे।
क्लारा विरोध नहीं कर सकी। जब लौरा ने उसे घुमाया, उनके शरीर टकराए, और फिर होंठ एक ऐसे चुंबन में मिले जो जीवन भर इंतज़ार कर रहा था। गर्म, बेताब, दांतों और जीभों और रुकी हुई सांसों से भरा। लौरा ने क्लारा को दीवार से सटा दिया, हाथ उसके चेहरे को पकड़े जैसे उसे डर हो कि वह गायब हो जाएगी।
— तुम नहीं जानती मैं कितना चाहती थी ये — लौरा ने कहा, आवाज़ भारी, होंठ अभी भी क्लारा के होंठों से चिपके हुए।
क्लारा ने धीरे से कराहा, हाथ लौरा की कमर पर पहुंचे, उसे और करीब खींचते हुए। लौरा का शरीर नरम, गर्म था, और क्लारा हर वक्र को अपने खिलाफ दबा हुआ महसूस कर सकती थी।
— मैं भी — उसने स्वीकार किया, अपनी ईमानदारी पर हैरान।
लौरा उसके होंठों पर मुस्कुराई, फिर उसे फिर से गहराई से चूमा। उसके हाथ क्लारा के शरीर पर फिसले, खोजते, दबाते, जैसे हर इंच को याद कर रहे हों। क्लारा उसके खिलाफ झुक गई, पैरों के बीच गर्मी फैलती महसूस की।
— मुझे तुम्हें छूना है — लौरा ने फुसफुसाया, उंगलियां क्लारा की ब्लाउज का बटन ढूंढतीं।
क्लारा ने विरोध नहीं किया। उसने सिर हिलाया, सांसें तेज़, और लौरा ने ब्लाउज के बटन तेज़ी से खोले, उसे ज़मीन पर गिरा दिया। क्लारा का काला लेस ब्रा अगला निशाना था, लौरा की उंगलियां पट्टियों पर फिसलतीं उसे खोलतीं। क्लारा के स्तन मुक्त हो गए, निपल्स पहले से कड़े, ध्यान की मांग करते हुए।
लौरा ने समय नहीं गंवाया। वह झुकी, एक निपल को मुंह में लेती, ज़ोर से चूसती। क्लारा ने कराहा, हाथ लौरा के बालों में गड़े, उसे और करीब खींचते हुए। सनसनी बिजली जैसी थी, लौरा के मुंह के हर खिंचाव से उसके पेट में सुख की लहरें उठतीं।
— शिट — क्लारा ने फुसफुसाया, सिर दीवार से पीछे टिक गया।
लौरा ने धीरे से हंसी, सांस क्लारा की नम त्वचा पर गर्म।
— पसंद आया?
— हां।
लौरा दूसरे स्तन पर आई, हल्के से काटती फिर ज़ोर से चूसती। क्लारा ने महसूस किया कि उसके पैर कमज़ोर हो रहे हैं, मगर लौरा ने उसे पकड़ रखा, एक हाथ उसकी पीठ को सहारा देता जबकि दूसरा नीचे सरकता उसकी पैंट का बटन ढूंढता।
— कर सकती हूं? — लौरा ने पूछा, उंगलियां ज़िप पर काम करतीं।
क्लारा ने सिर हिलाया, बोलने में असमर्थ। लौरा ने पैंट और पैंटी एक साथ नीचे उतार दीं, क्लारा को बाथरूम की ठंडी दीवार के खिलाफ पूरी तरह नग्न छोड़ दिया। ठंडी हवा और लौरा के शरीर की गर्मी का विरोध नशे जैसा था।
लौरा घुटनों के बल बैठ गई, हरी आंखें इच्छा से चमकतीं।
— मेरे लिए पैर खोल दो — उसने आदेश दिया, आवाज़ धीमी और भारी।
क्लारा ने आज्ञा मानी, खुद को उजागर और कमज़ोर महसूस करती। लौरा ने समय नहीं गंवाया। उसकी उंगलियां क्लारा के केंद्र तक पहुंचीं, गीले होंठों के बीच फिसलतीं फिर उसके अंदर डूब जातीं। क्लारा ने ज़ोर से कराहा, नाखून दीवार में गड़ गए।
— फक — लौरा ने फुसफुसाया, उंगलियां धीमे घेरे में घूमतीं, खोजतीं। — तुम इतनी गीली हो।
क्लारा जवाब नहीं दे सकी। उसका पूरा शरीर आग में जल रहा था, लौरा का हर स्पर्श उसकी रगों में सुख की लहरें भेजता। लौरा आगे झुकी, उंगलियों की जगह मुंह ले आई, गर्म और नम जीभ क्लिटोरिस पर फिसलती।
— ओह माय गॉड — क्लारा ने हांफते हुए कहा, पैर कांपने लगे।
लौरा ने उसकी जांघें पकड़ रखी थीं, उसे जगह पर रखती जबकि उसकी जीभ तेज़ और सटीक गतियों में काम करती। क्लारा ने ऑर्गेज़्म को पास आते महसूस किया, पेट में एक आनंददायक दबाव बढ़ता। लौरा ने भी महसूस किया, क्योंकि उसने रफ्तार बढ़ा दी, उंगलियां फिर से अंदर जातीं जबकि जीभ आराम नहीं देती।
— मेरे लिए चरम पर आ जाओ — लौरा ने आदेश दिया, आवाज़ क्लारा की त्वचा पर दबी हुई।
और क्लारा चरम पर आई। ऑर्गेज़्म ने उसे लहर की तरह मारा, पूरा शरीर कांपता, कराहें छोटे बाथरूम में गूंजतीं। लौरा नहीं रुकी, सुख को तब तक बढ़ाती रही जब तक क्लारा पूरी तरह थक नहीं गई, घुटने मुड़ गए।
लौरा उठी, क्लारा को अपने शरीर से सटाए रखती, होंठ उसके होंठों से गहरे चुंबन में मिलते। क्लारा अपने स्वाद को लौरा के मुंह में महसूस कर सकती थी, और इससे वह और उत्तेजित हो गई।
— तुम्हारी बारी — क्लारा ने फुसफुसाया, हाथ लौरा की ड्रेस की ज़िप तक पहुंचते हुए।
लौरा मुस्कुराई, उसे उतारने में मदद की। ड्रेस ज़मीन पर गिरी, उसके पीछे ब्रा और लाल लेस की पैंटी। लौरा अब पूरी तरह नग्न थी, सांवला शरीर बाथरूम की मद्धम रोशनी में चमकता।
क्लारा ने समय नहीं गंवाया। उसने लौरा को दीवार से सटा दिया, होंठ उसके होंठों से भूखे चुंबन में मिलते। उसके हाथ लौरा के शरीर पर घूमे, स्तनों को दबाते, निपल्स को चुटकी लेते, नीचे सरकते उस गर्मी तक जहां उसकी टांगों के बीच थी।
— तुम भी गीली हो — क्लारा ने फुसफुसाया, उंगलियां लौरा के होंठों के बीच फिसलतीं।
लौरा ने कराहा, क्लारा के कंधों में नाखून गड़ाते हुए।
— कुछ करो — उसने भीख मांगी।
क्लारा मुस्कुराई, उंगलियां लौरा के क्लिटोरिस को धीमे घेरे में घुमातीं। लौरा ने ज़ोर से कराहा, क्लारा के कंधों में नाखून गड़ाते हुए।
— तेज़ — उसने हांफते हुए कहा।
क्लारा ने आज्ञा मानी, रफ्तार बढ़ाई, उंगलियां लौरा के अंदर जातीं जबकि अंगूठा क्लिटोरिस पर काम करता रहता। लौरा तड़पने लगी, पूरा शरीर कांपता, कराहें ज़्यादा तेज़, ज़्यादा बेताब होतीं।
— मैं चरम पर आ रही हूं — लौरा ने चेतावनी दी, आवाज़ भारी।
क्लारा नहीं रुकी। उसने रफ्तार और बढ़ा दी, महसूस करती लौरा उसके उंगलियों के चारों ओर सिकुड़ती। लौरा एक दबी हुई चीख के साथ चरम पर आई, शरीर कांपता, घुटने मुड़ते। क्लारा ने उसे पकड़ रखा, ऑर्गेज़्म के दौरान उसे गहराई से चूमती रही।
एक पल के लिए, सिर्फ उनकी तेज़ सांसों की आवाज़ थी, हवा में सेक्स की गंध, पसीने से तर शरीर एक-दूसरे से सटे हुए। लौरा ने माथा क्लारा के माथे से टिकाया, आंखें बंद।
— ये था… — उसने शुरू किया, मगर वाक्य पूरा नहीं किया।
क्लारा मुस्कुराई, उसे हल्का सा चूमा।
— मैं जानती हूं।
लौरा ने धीरे से हंसी, उंगलियां क्लारा की पीठ पर आलसी घेरे बनातीं।
— हमें हैप्पी आवर में वापस जाना चाहिए।
क्लारा हिचकिचाई।
— अगर किसी ने देखा तो?
लौरा ने कंधे उचकाए, होंठों पर शरारती मुस्कान।
— तो पता चलेगा कि तुम मेरी हो।
क्लारा ने अपनी रीढ़ में एक कंपकंपी महसूस की। ये सवाल नहीं था, मगर घोषणा भी नहीं। एक वादा था।
— और तुम? — क्लारा ने धीरे से पूछा। — क्या तुम भी मेरी हो?
लौरा ने उसका चेहरा पकड़ा, अंगूठे उसकी गालों को सहलाते।
— उस दिन से जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था।
क्लारा मुस्कुराई, दिल भर आया। उसने लौरा को फिर से चूमा, धीरे और गहराई से, जैसे उनके पास सारी दुनिया का समय हो।
मगर हैप्पी आवर अभी खत्म नहीं हुआ था। और उन्हें वापस जाना था।